वानस्पतिक औषधियाँ

अत्यन्त स्वास्थ्यवर्द्धक है ‘ककोरा’

डॉ.अनुज कुमार सिंह सिकरवार
बरसात होते ही बाजार में सब्जी में प्रयुक्त हरे रंग का कंटीला छोटा अण्डाकार ‘ककोरा’ बिकने लगता है, जो दूर से ‘करेला’ जैसा दिखायी ही नहीं देता है,बल्कि उसी की तरह ‘कुकरबिटेसी फेमली’ का सदस्य भी है। इतना ही नहीं, इसका स्वाद भी केरला जितना कड़वा तो नहीं, पर उसकी तरह स्वाद में थोड़ा ‘कसैला’ अवश्य होता है। करेला की तरह ‘ककोरा’ की तरह की भी बेल और उस जैसे ही पत्ते होते हैं। यहाँ तक कि इसके फूल भी कुछ-कुछ वैसे ही होते हैं। करेला की तरह ककोरा का फल पकने पर पीला पड़ने के बाद फट जाता है। इसके बीजों के ऊपर लाल रंग की झिल्ली होती है। जमीन पर गिरने के बाद ये बीज किसी तरह मिट्टी में दब जाते हैं। फिर बरसाते होने पर उग आते हैं।
इसलिए लोग इसे ‘वन करेला’ भी कहते हैं। ‘ककोरा’ की सब्जी बहुत स्वादिष्ट होने के साथ-साथ अत्यन्त स्वस्थवर्द्धक भी होती है। इसे ‘सेहत का खजाना’ कहना अतिश्योक्ति न होगा। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि इसे दूसरी सब्जियों की तरह किसानों द्वारा इसकी खेती/उगाया नहीं जाता, बल्कि प्राकृतिक रूप से ककोरा की बेलें स्वयं बेहड़ या गैर कृषि भूमि की शुष्क,ढालू, बालुई, दोमट मिट्टी पर बरसात की बूँदे पड़ते हुए उग आती हैं और अपने आसपास उगीं करील तथा दूसरी कंटीली झाड़ियों पर चढ़ कर फलती-फूलती हैं। इन्हें गाँवों के चरवाहे और दूसरे लोगों द्वारा तोड़ कर बाजारों या फिर सब्जी व्यापारियों को बेचा जाता है। ककोरों के तोड़ने में श्रम के सिवाय कुछ नहीं लगता। बाजार में इन्हें बेचकर अच्छा मूल्य मिल जाता है।
ककोरा की सब्जी शरीर को स्वस्थ रखती है,क्योंकि यह मल्टी विटामिन्स से भरपूर है।
तभी तो लोग ककोरा को सिर्फ ‘सब्जी’ समझकर नहीं खाते, बल्कि इसे ‘औषधि’ मानते हैं। इस कारण ककोरा का विटामिन 12 से लेकर विटामिन डी, कैल्शियम, मैग्नीशियम, कॉपर, जिंक जैसे तत्त्वों से परिपूर्ण होना है। ये तत्त्व स्वस्थ के लिए बहुत जरूरी होते हैं। यद्यपि ककोरा की तासीर ‘गर्म’ होती है, तथापि यह खाने में बहुत स्वादिष्ट और शक्तिवर्द्धक भी होता है।
1.ककोरा की सब्जी का सेवन बवासीर तथा पीलिया जैसे रोगों में लाभदायक है।
2.इसका सेवन खाँसी,पेट के संक्रमण(इन्फेक्शन), कान तथा सिर दर्द में लाभकारी है।
3.यह वर्षा काल में होने वाले त्वचा रोगों को दूर करने में सहायक होता है।
4. इस सब्जी सूजना, लकवा, आँखों की समस्या, बेहोशी में फायदेमन्द होती है।
5.ककोरा मधुमेह/डायबिटीज के रोगियों के लिए बहुत लाभकारी है।
6. ककोरा की सब्जी ‘रक्त सर्करा स्तर’(ब्लड शुगर लेवल)को नियंत्रित करती है।
7.ज्वर में ककोरा सेवन लाभकारी होता है।
8.इसका सेवन रक्त दबाव(ब्लड प्रेशर) तथा कैंसर असाध्य रोगों से बचाव करता है।

 

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