वृन्दावन।रुक्मिणी विहार क्षेत्र स्थित कृष्णा वैभव (कृष्णा हाइट्स) में धार्मिक यात्रा परिवार (मुम्बई) के द्वारा चल रहे अष्ट दिवसीय ब्रज महामहोत्सव के अंतर्गत श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ में भक्तों-श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत की महिमा बताते हुए प्रख्यात भागवताचार्य स्वामी डॉ. देवकीनंदन शर्मा महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत भगवान श्रीकृष्ण का वांग्मय स्वरूप है।इसका श्रवण करने से व्यक्ति भवसागर से पार हो जाता है।इसके श्रवण से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।साथ ही उसके जन्म व मृत्यु के भय का भी नाश हो जाता है।जीव के कल्याण के लिए यदि सबसे उत्तम ग्रंथ है,तो वह श्रीमद्भागवत महापुराण है।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण में समस्त वेदों, पुराणों, उप पुराणों, शास्त्रों व उपनिषदों आदि धर्मग्रंथों का सार निहित है।इसका श्रवण,वाचन व अध्ययन तीनों ही कल्याणकारी हैं।साथ ही श्रीधाम वृन्दावन जैसी पावन भूमि में इसका श्रवण करना शतगुणा अधिक फलदाई व पुण्यदाई होता है।
इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. गोपाल चतुर्वेदी, भागवताचार्य रामविलास चतुर्वेदी ,प्रमुख समाजसेवी सुरेशकुमार जोशी, रासाचार्य स्वामी भारत भूषण शर्मा व सौरभ शर्मा, डॉ. राधाकांत शर्मा, अशोक जैन (श्याम भक्त), राजेंद्र अग्रवाल (खैरली वाले), सीमा जैन,अनिल अग्रवाल, सुनील गर्ग, डॉ. सचिन अग्रवाल, सारिका अग्रवाल, महेश गाडिया, ओमप्रकाश झाझूका, रजत अग्रवाल, किशन गोयल, राजीव अग्रवाल, गोकुल चंद्र सिकरिया, महेश मित्तल, राकेश खेतान, रजत झाऊवाला, दीनदयाल डीडवानिया, सुरेन्द्र मोदी, जुगल खेतान, विश्वनाथ बागेडिया, महावीर सावरागी, राकेश गर्ग, पवन पोद्दार, शुशील डालमिया, मीनामहेश, डॉ. मनोज बंसल, मुरारी लाल अग्रवाल, नरेंद्र चेतराम, अशोक अग्रवाल व यशवर्धन अग्रवाल आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
डॉ. गोपाल चतुर्वेदी
श्रीमद्भागवत में निहित है सभी धर्म ग्रंथों का सार : स्वामी डॉ. देवकीनंदन शर्मा















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