कार्यक्रम

पर्यावरण प्रदूषण मानव अस्तित्व के लिए बहुत बड़ा खतरा : देवेंद्र शर्मा

(डॉ. गोपाल चतुर्वेदी)

वृन्दावन।प्राचीन कात्यायनी मंदिर में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पहलगांव में मारे गए 26 भारतीय लोगों की स्मृति में सामाजिक संस्था जायंट्स ग्रुप ऑफ़ वृंदावन एवं रतनलाल राधा रमन चैरिटेबल ट्रस्ट, वृंदावन के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय कात्यायनी मंदिर में मिशन प्राण वायु के अंतर्गत वृक्षारोपण किया गया।
इस अवसर पर पर्यावरण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वर्ण पदक प्राप्त विजेता एवं ग्रुप के प्रशासनिक निदेशक पर्यावरणविद् देवेंद्र शर्मा ने कहा के आज पर्यावरण के पांच तत्व आकाश, पृथ्वी, पवन, जल और अग्नि में प्रदूषण फैल गया है।इन पांच तत्वों का आधार वृक्ष हैं। वृक्ष है तो जल है, वृक्ष है तो भोजन है, वृक्ष है तो पवन है।आज मनुष्य ने लालच की सभी सीमायें लाँघ दी है। इस कारण से हवा में, पानी में, भोजन में जहर घुल चुका है। देश कई भागों में बढ़ता हुआ तापमान, चट्टानों का खिसकना, पर्वतों का सिकुड़ना, नदियों का प्रदूषित होना, आने वाले भविष्य के लिए खतरा ही खतरा है। हम केंद्र व प्रदेश सरकार से यह मांग करते हैं कि वह जन सहयोग से पर्यावरण की सभी योजनाओं को धरातल पर कठोर कानून लाकर के लागू कराए।बढ़ती हुई जनसंख्या के लिए पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करना बहुत जरूरी हैl
जी.एल.ए. यूनिवर्सिटी की डॉ. सुनीता पचार एवं प्रमुख समाजसेवी सुरेश खंडेलवाल ने कहा कि एक वृक्ष का लालन-पालन करना 10 पुत्रों को पालने के बराबर है।
आई.ओ.पी. की प्रो. डॉ. लक्ष्मी गौतम एवं निशा शर्मा ने कहा कि वृक्ष हमारे परम हितेषी हैं।इनके बिना हम जीवित नहीं रह सकते हैं।इसीलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक वृक्ष अवश्य लगाना चाहिए।
डॉ. मनुतोष गुप्ता एवं प्रो. प्राची गुप्ता ने कहा कि आज हवा में जो प्रदूषण है, इसका कारण वृक्षों का अभाव है। वायु प्रदूषण से कई प्रकार की बीमारी भी फैलती हैं। इसीलिए वायु की शुद्धता के लिए वृक्षारोपण बहुत आवश्यक है।
संस्था के अध्यक्ष रजनीकांत शर्मा ने कहा कि हम आगामी मानसून में और भी अधिक वृहद वृक्षारोपण करेंगे l कात्यायनी मंदिर में आज कदंब के पौधों का रोपण किया गया। इस अवसर पर शांडिल्य, ब्रजेश गिरी, भगवान दास आदि की उपस्थिति विशेष रही।कार्यक्रम का संचालन मदन गोपाल बनर्जी ने किया तथा आभार व्यक्त मंदिर के प्रबंधक विजय मिश्रा ने किया।

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Rekha Singh

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