(डॉ. गोपाल चतुर्वेदी)
वृन्दावन।बांके बिहारी कॉलोनी स्थित ठा. श्रीकौशल किशोर राम मन्दिर में अखिल भारतीय श्रीराम मित्र मंडल के द्वारा पंच दिवसीय श्रीहनुमान कथा का आयोजन अत्यंत श्रद्धा एवं धूमधाम के साथ प्रारंभ हुआ।सर्वप्रथम श्रीहनुमानजी महाराज के चित्रपट के समक्ष वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य दीप प्रज्ज्वलित करके उनका पूजन अर्चन किया गया।साथ ही उनकी आरती की गई।तत्पश्चात व्यासपीठ से ठा. श्रीकौशल किशोर राम मन्दिर के महंत आचार्य रामदेव चतुर्वेदी ने अपनी सुमधुर वाणी के द्वारा श्रीहनुमानजी की महिमा बताते हुए कहा कि मंगल को जन्मे श्रीहनुमानजी महाराज का स्मरण सदैव ही मंगलकारी होता है। कलयुग में हनुमानजी की उपासना सबसे उत्तम फल प्रदान करने वाली है। वे शीघ्र प्रसन्न होने वाले देव हैं। भगवान श्रीराम के कार्य सिद्ध करने वाले हनुमान जी साक्षात रुद्रावतार और संकट मोचन हैं।उनका चिंतन, मनन, श्रवण करने से मनुष्य का लोक-परलोक सुधर जाता है। श्रीरामदूत हनुमानजी महाराज को भगवान शिव का ग्यारहवां रुद्रावतार माना गया है और उनकी उपासना व्यक्ति के जीवन में सफलता प्राप्त करने की कुंजी है।
श्रद्धेय आचार्य रामदेव चतुर्वेदी ने कहा कि माता जानकी के आशीर्वाद से श्रीहनुमानजी महाराज सप्त चिरंजीवियों में से एक हैं,जो सशरीर आज भी पृथ्वी पर विद्यमान हैं।वर्तमान में पृथ्वी पर जहां भी श्रीराम कथा होती है, वहां पवनपुत्र रुद्रावतार श्रीहनुमानजी उपस्थित रहते हैं।हनुमानजी महाराज उन्हीं पर कृपा बरसाते हैं, जिनका हृदय शुद्ध तथा विचार पवित्र हों।
प्रख्यात साहित्यकार डॉ. गोपाल चतुर्वेदी, महोत्सव के संयोजक आचार्य लवदेव चतुर्वेदी,आचार्य कुशदेव चतुर्वेदी, श्रीमती कुंजलता चतुर्वेदी, श्रीमती प्रिया चतुर्वेदी, संगीताचार्य शंभू शरण, डॉ. राधाकांत शर्मा आदि की उपस्थिति विशेष रही।















This Month : 15233
This Year : 15233
Add Comment