श्रद्धांजली

35 वीं पुण्यतिथि पर याद किए गए “अमर उजाला” के पूर्व प्रधान संपादक स्वर्गीय अनिल अग्रवाल

 

वृन्दावन।छटीकरा रोड़ स्थित श्रीकृष्ण शरणम् में ब्रज सेवा संस्थान के द्वारा स्मृति सभा का आयोजन संपन्न हुआ।जिसमें जिसमें प्रतिष्ठित समाचार पत्र “अमर उजाला” के पूर्व प्रधान संपादक स्वर्गीय अनिल अग्रवाल की 35 वीं पुण्यतिथि पर उनका पावन स्मरण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
सभा की अध्यक्षता करते हुए ब्रज सेवा संस्थान के अध्यक्ष डॉ. गोपाल चतुर्वेदी ने कहा कि स्वर्गीय अनिल अग्रवाल पत्रकारिता जगत की बहुमूल्य निधि थे। उनके लिए पत्रकारिता व्यवसाय नही अपितु एक मिशन थी।क्योंकि मुझको पत्रकारिता के क्षेत्र में लाने वाले उनके पूज्य पिताजी स्वर्गीय डोरीलाल अग्रवाल थे, इसलिए उनको मुझ से अत्यंत प्रेम था।
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय अनिल अग्रवाल ने मेरे कहने पर अनेक निर्धन व्यक्तियों,समाजसेवियों व साहित्यकारों आदि की बीमारी के दौरान उनकी आर्थिक मदद के लिए “अमर उजाला” में राहत कोष स्थापित कर उनकी हर सम्भव मदद की। ऐसे सेवाभावी व्यक्तियों का तो अब युग ही समाप्त होता चला जा रहा है
जिलाधिकारी कार्यालय के पूर्व प्रशासनिक अधिकारी हरदेव कृष्ण चतुर्वेदी एवं भक्ति मन्दिर के सेवाधिकारी डॉ. सहदेव कृष्ण चतुर्वेदी ने कहा कि आज के पत्रकारों को स्वर्गीय अनिल अग्रवाल के कृतित्व को आत्मसात करना चाहिए। साथ ही पीत पत्रकारिता से दूर रह कर सामाजिक सरोकारों से जुड़ी पत्रकारिता करनी चाहिए।
समिति के महामंत्री डॉ. राधाकांत शर्मा एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सतेंद्र जोशी ने कहा कि स्वर्गीय अनिल अग्रवाल कलम के सच्चे सिपाही थे। उन्होंने सदैव सत्यता, निष्पक्षता,निर्भीकता व ईमानदारी का पालन किया।
आचार्य पीठाधीश्वर यदुनंदनाचार्य महाराज एवं आचार्य रामनिहोर त्रिपाठी ने कहा कि स्वर्गीय अनिल अग्रवाल के पिताश्री डोरीलाल अग्रवाल मूलतः बलदेव के निवासी थे, इसलिए मथुरा जनपद वासियों से उन्हें अनन्य प्रेम था। उन्होंने सन 1976 में अपनी प्रेस की नव तकनीक को शुरू करते समय मुझे बुलाकर उसे दिखाया था। साथ ही प्रिंटिंग की तकनीक भी बतलायी थी। उनकी “अमर उजाला” के संपादन के अलावा उसके प्रकाशन में भी महारथ हासिल था।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार विनोद चूड़ामणि, एडवोकेट, आचार्य विष्णु मोहन नागार्च, वसुधा गोपाल, सुधा मिश्रा, डॉ. श्रॉफ आई केयर इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सी. पी. मैसी, युवराज वेदांत आचार्य आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।संचालन डॉ. राधाकांत शर्मा ने किया।

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