Author - Rekha Singh

कहानी

अलग्योझा

 मुंशी प्रेम चंद भोला महतो ने पहली स्त्री के मर जाने बाद दूसरी सगाई की, तो उसके लड़के रग्घू के लिए बुरे दिन आ गए। रग्घू की उम्र उस समय केवल दस वर्ष की थी। चैने...

कहानी

अमावस्या की रात्रि

 मुंशी प्रेम चंद दीवाली की संध्या थी। श्रीनगर के घूरों और खँडहरों के भी भाग्य चमक उठे थे। कस्बे के लड़के और लड़कियाँ श्वेत थालियों में दीपक लिये मंदिर की ओर जा...

कार्यक्रम

अमृत

मुंशी प्रेम चंद मेरी उठती जवानी थी जब मेरा दिल दर्द के मजे से परिचित हुआ। कुछ दिनों तक शायरी का अभ्यास करता रहा और धीर-धीरे इस शौक ने तल्लीनता का रुप ले लिया।...

कहानी

अभिलाषा

 मुंशी प्रेम चंद कल पड़ोस में बड़ी हलचल मची। एक पानवाला अपनी स्त्री को मार रहा था। वह बेचारी बैठी रो रही थी, पर उस निर्दयी को उस पर लेशमात्र भी दया न आती थी।...

कहानी

अपनी करनी

 मुंशी प्रेम चंद आह, अभागा मैं! मेरे कर्मो के फल ने आज यह दिन दिखाये कि अपमान भी मेरे ऊपर हंसता है। और यह सब मैंने अपने हाथों किया। शैतान के सिर इलजाम क्यों...

कहानी

अनुभव

 मुंशी प्रेम चंद प्रियतम को एक वर्ष की सजा हो गयी। और अपराध केवल इतना था, कि तीन दिन पहले जेठ की तपती दोपहरी में उन्होंने राष्ट्र के कई सेवकों का शर्बत-पान से...

कहानी

अधिकार-चिन्ता

 मुंशी प्रेम चंद टामी यों देखने में तो बहुत तगड़ा था। भूँकता तो सुननेवाले के कानों के परदे फट जाते। डील-डौल भी ऐसा कि अँधेरी रात में उस पर गधे का भ्रम हो जाता।...

कहानी

अग्नि-समाधि

 मुंशी प्रेम चंद साधु-संतों के सत्संग से बुरे भी अच्छे हो जाते हैं, किन्तु पयाग का दुर्भाग्य था, कि उस पर सत्संग का उल्टा ही असर हुआ। उसे गाँजे, चरस और भंग का...

कहानी

अग्नि-समाधि

 मुंशी प्रेम चंद   साधु-संतों के सत्संग से बुरे भी अच्छे हो जाते हैं, किन्तु पयाग का दुर्भाग्य था, कि उस पर सत्संग का उल्टा ही असर हुआ। उसे गाँजे, चरस और...

राजनीति

कौन हैं ये अपनी, कौम और मुल्क के दुश्मन

डॉ.बचन सिंह सिकरवार ‘कोरोना विषाणु’ से उत्पन्न महामारी से बचाने के लिए देश में लॉक डाउन किये दो हफ्ते से अधिक समय हो गया और इससे संक्रमितों के सात हजार से अधिक...

Live News

Advertisments

Advertisements

Advertisments

Our Visitors

0207962
This Month : 7465
This Year : 7465

Follow Me