Author - Rekha Singh

राजनीति

‘अजान’ के फैसले पर फिर खामोशी ?

डॉ.बचन सिंह सिकरवार गत दिनों इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मस्जिदों से लाउडस्पीकर से ‘अजान’ देने पर रोक लगाने और इस फैसले को लागू कराने को लेकर जो निर्णय दिया है...

देश-दुनिया

पाक की गिलगिट-बाल्टिस्तान को लेकर नई चाल

डॉ.बचन सिंह सिकरवार गत दिनों पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय के सामरिक रूप से अत्यन्त महत्त्वपूर्ण गिलगिट-बाल्टिस्तान में इन्तखाब (चुनाव) कराने की मंजूरी दिये...

कहानी

एक नन्हा दोस्त

रस्किन बॉन्ड जब मैं पहली बार लंदन पहुँचा, तब मैं वहाँ किसी को नहीं जानता था। मैं अठारह साल का था, अकेला था और एक नौकरी की तलाश में था। मैंने एक सप्ताह शोरगुल...

कहानी

पतंगवाला

 रस्किन बॉन्ड गली रामनाथ में एक ही पेड़ था। वह बरगद का पेड़ पुरानी मसजिद की टूटी दीवार के बीच से निकला हुआ था। अली की पतंग उसकी टहनियों में फंस गई थी। फटी...

कहानी

अल्लाह की बुद्धिमानी

एक बार गरमियों में गाँव में एक ऐसा आदमी आया जिसे कोई भी चीज खुश नहीं कर सकती थी। वह आराम करने के लिए अखरोट के एक पेड़ के नीचे बैठ गया। यह पेड़ हर साल खूब फल...

कहानी

बुद्धिमान काजी

कश्मीरी लोक-कथा रस्किन बॉण्ड एक दिन राजा अपने दरबार में बैठा था और बुद्धिमान काजी उसके पीछे बैठा था। जब वे बात कर रहे थे, तभी एक कौआ उड़ता हुआ वहाँ आया और उसने...

कहानी

अंतराल

 मोहन राकेश नदी का पुल पार करने के लिए सड़क ऊँची होनी शुरू हो गई थी। सड़क के दोनों ओर बीहड़ नज़र आने लगे थे। उसकी निगाहें उस टेढ़ी-मेढ़ी पगडंडी को ढूँढ़ रही...

कहानी

अपरिचित

मोहन राकेश कोहरे की वजह से खिड़कियों के शीशे धुँधले पड़ गये थे। गाड़ी चालीस की रफ़्तार से सुनसान अँधेरे को चीरती चली जा रही थी। खिड़की से सिर सटाकर भी बाहर कुछ...

कहानी

आलसियों का आश्रम: लोक-कथा

एक बार एक राज्य में बहुत सारे लोग आलसी हो गए। उन्होंने सारा कामधाम करना छोड़ दिया। यहाँ तक कि अपने लिए खाना बनाना भी छोड़ दिया और खाने के लिए दूसरों पर निर्भर...

कहानी

चतुराई: लोक-कथा

एक ग़रीब आदमी था। एक दिन वह राजा के पास गया और बोला- ‘महाराज, मैं आपसे कर्ज़ मांगने आया हूं। कृपा कर आप मुझे पांच हजार रुपये दें। मैं पांच वर्ष के अंदर...

Live News

Advertisments

Advertisements

Advertisments

Our Visitors

0234197
This Month : 2495
This Year : 33700

Follow Me