एक ग़रीब आदमी था। एक दिन वह राजा के पास गया और बोला- ‘महाराज, मैं आपसे कर्ज़ मांगने आया हूं। कृपा कर आप मुझे पांच हजार रुपये दें। मैं पांच वर्ष के अंदर...
Author - Rekha Singh
बहुत वर्ष पहले एक राजा की दो रानियाँ थीं। बड़ी रानी शोभा बहुत अच्छे स्वभाव की दयावान स्त्री थी। छोटी रानी रूपा बड़ी कठोर और दुष्ट थी। बड़ी रानी शोभा के एक...
रामकृपाल सिंह महात्मा गाँधी का कथन है,‘‘भारत गाँव का देश है’’,यह कोविड-19 ने सत्य साबित कर दिया। कोविड-19 से फैली महामारी के बाद यदि अन्य किसी की चर्चा हो रही...
उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसियेशन (उपजा)की स्थानीय इकाई के समस्त पदाधिकारी और सदस्यगण अपने वरिष्ठ पत्रकार साथी पंकज कुलश्रेष्ठ समाचार उपसम्पादक दैनिक जागरण के...
राधेबाबू अग्रवाल कोरोना विषाणु से फैली महामारी से भारत समेत विश्वभर के देशों को जनधन की भारी क्षति हो रही है और न जाने कब तक यह होती रहेगी? इस महामारी के...
भीष्म साहनी घुमक्कड़ी के दिनों में मुझे खुद मालूम न होता कि कब किस घाट जा लगूंगा। कभी भूमध्य सागर के तट पर भूली बिसरी किसी सभ्यता के खण्डहर देख रहा होता, तो...
भीष्म साहनी तभी दूर से वाङ्चू आता दिखाई दिया। नदी के किनारे, लालमंडी की सड़क पर धीरे-धीरे डोलता-सा चला आ रहा था। धूसर रंग का चोगा पहने था और दूर से लगता था कि...
भीष्म साहनी मरने से एक दिन पहले तक उसे अपनी मौत का कोई पूर्वाभास नहीं था। हाँ, थोड़ी खीझ और थकान थी, पर फिर भी वह अपनी जमीन के टुकड़े को लेकर तरह-तरह की...
भीष्म साहनी उन दिनों हीरालाल और मैं अक्सर शाम को घूमने जाया करते थे । शहर की गलियाँ लाँघकर हम शहर के बाहर खेतों की ओर निकल जाते थे । हीरालाल को बातें करने का...
भीष्म साहनी बैठक में चाय चल रही थी। घर-मालकिन ताजा मठरियों की प्लेट मेरी ओर बढ़ाकर मुझसे मठरी खाने का आग्रह कर रही थीं और मैं बार-बार, सिर हिला-हिलाकर, इनकार...


















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