(डॉ. गोपाल चतुर्वेदी)
वृन्दावन। रमणरेती-परिक्रमा मार्ग स्थित धानुका आश्रम में धानुका एग्रीटेक लिमिटेड (गुरुग्राम) के द्वारा चतुर्दिवसीय दिव्य वासंतिक नवरात्रि महामहोत्सव (पाठात्मक एवं हवनात्मक) अत्यंत श्रद्धा एवं धूमधाम के साथ सम्पन्न हुआ। जिसके अंतर्गत याज्ञिक रत्न आचार्य विष्णुकांत शास्त्री के आचार्यत्व में वैदिक ब्राह्मणों के द्वारा श्रीशतचंडी यज्ञ एवं अभिषेकात्मक श्रीशिव शक्ति पाठ, श्रीमहारुद्राभिषेक आदि के अनुष्ठान भी यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ सम्पन्न हुए।
इस अवसर पर पधारी वात्सल्य ग्राम की संस्थापक पद्म विभूषण ‘दीदी मां’ साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि नवरात्रि मां भगवती की उपासना का प्रमुख पर्व हैं।इन दिनों मां भक्ति की आराधना करने से भक्तों के सभी दुःख दूर होते हैं।साथ ही उनकी सभी मनोकामना पूर्ण होती हैं।
भागवत भास्कर कृष्ण चन्द्र शास्त्री ठाकुरजी महाराज ने कहा कि शतचंडी महायज्ञ मां दुर्गा को अत्यधिक प्रिय हैं।इससे माता शीघ्र ही प्रसन्न होकर अपने भक्तों को मनवांछित फल प्रदान करती हैं।साथ ही उन्हें सांसारिक दुर्गुणों से बचाती हैं।
प्रख्यात साहित्यकार “यूपी रत्न” डॉ. गोपाल चतुर्वेदी ने कहा कि ऐसे दिव्य अनुष्ठानों से ही सनातन धर्म व भारतीय वैदिक संस्कृति पल्लवित व पोषित होती है।साथ ही वैदिक मंत्रोच्चार से हमारा तन-मन तथा यज्ञ से वायुमंडल पवित्र होता है।इसीलिए ऐसे अनुष्ठान प्रायः होते रहने चाहिए।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से आचार्य मृदुलकांत शास्त्री, आचार्य जगदीश चन्द्र शास्त्री, डॉ. राधाकांत शर्मा, डॉ. आर. जी. अग्रवाल, महेन्द्र कुमार धानुका, मनीष धानुका, राहुल धानुका, प्रमुख समाजसेवी विजय रिणवां आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।महोत्सव का समापन सन्त, ब्रजवासी, वैष्णव सेवा एवं वृहद भंडारे के साथ हुआ।




















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