(डॉ. गोपाल चतुर्वेदी)
वृन्दावन।अक्रूर स्थित श्रीराम जानकी मन्दिर (बेरिया बाबा गौशाला एवं आश्रम) में संत प्रवर राम लखन दास महाराज (बेरिया वाले बाबा) का सात दिवसीय 21 वां साकेत गमनोत्सव महंत राम चंद्र दास महाराज (मौनी बाबा) के पावन सानिध्य में अत्यंत श्रद्धा एवं धूमधाम के साथ सम्पन्न हुआ। जिसके अंतर्गत श्रीमद्रामचरित मानस नवाह्न पारायण पाठ, श्यामा मंडल व दिल्ली के भक्तों के द्वारा सरस भजन संध्या संपन्न हुई।जिसमें ठाकुरश्री राधा-कृष्ण की महिमा से ओतप्रोत भजनों का संगीत की मृदुल स्वर लहरियों के मध्य गायन किया गया।तत्पश्चात रसिक संतों द्वारा मंगल बधाई समाज गायन एवं समस्त भक्त परिकर के द्वारा संगीतमय सामूहिक सुन्दर काण्ड पाठ आदि के कार्यक्रम सम्पन्न हुए।
श्रीराधा उपासना कुंज के श्रीमहंत बाबा संतदास महाराज एवं महंत राम चंद्र दास महाराज (मौनी बाबा) ने कहा कि बेरिया वन अत्यन्त प्राचीन व सिद्ध स्थली है।ये कई भगवद्प्राप्त संतों व भक्तों की तपोभूमि रही है।यहां आने वाले लोगों की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
ब्रज अकादमी की सचिव साध्वी डॉ. राकेश हरिप्रिया एवं प्रख्यात साहित्यकार “यूपी रत्न” डॉ. गोपाल चतुर्वेदी ने कहा कि संत प्रवर राम लखन दास महाराज (बेरिया वाले बाबा) परम् तपस्वी व भजनानंदी थे। हम सभी ने परमात्मा को कहां देखा है, पूज्य राम लखन दास महाराज (बेरिया वाले बाबा) जैसे दिव्य सन्त ही हमें पृथ्वी पर प्रभु सत्ता का आभास कराते हैं।
इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी राधाप्रसाद देवजू महाराज, धरणीधर महाराज (बद्रिकाश्रम), महंत हरिशंकर नागा, महंत मोहिनी बिहारी शरण महाराज, दिनेश (फिरोजाबाद), रमेश कोचर, कमल सिंघल, श्रीमती पिंकी माथुर (दिल्ली), राजेश, डॉ. गोपाल मिश्रा, श्रीमती मीरा-महेंद्र अरोड़ा, नीलेश कुशवाहा, श्रीमती ममता खट्टर, पूर्व विधायक प्रणत पाल, पूर्व विधायक प्रदीप माथुर, प्रमुख समाजसेविका व मां सीता रसोई की संस्थापिका “पंजाब रत्न” श्रीमती मनप्रीत कौर (लुधियाना), सनातन सेवी अंशुल पाराशर, युवा साहित्यकार डॉ. राधाकांत शर्मा, स्वामी गंगानंद महाराज (कोतवाल) आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
महोत्सव का समापन महंतों का सम्मान व सन्त, ब्रजवासी, वैष्णव सेवा एवं वृहद भंडारे के साथ हुआ।जिसमें असंख्य व्यक्तियों ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया।





















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