कार्यक्रम

दिव्य कृपा मूर्ति थे साकेतवासी संत सुदामा दास महाराज : महंत नृत्य गोपाल दास महाराज

 

(डॉ. गोपाल चतुर्वेदी)

वृन्दावन। वंशीवट क्षेत्र स्थित श्रीनाभापीठ सुदामाकुटी में श्रीरामानंदीय वैष्णव सेवा ट्रस्ट के द्वारा विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक अनुष्ठानों के मध्य ठाकुरश्री कुटिया बिहारी सरकार के दिव्य विग्रहों को नवनिर्मित भव्य मंदिर में विराजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्रीराम जन्मभूमि न्यास, अयोध्या के अध्यक्ष व श्रीमणिराम दास छावनी, अयोध्या के महंत नृत्य गोपाल दास महाराज ने कहा कि वैष्णव कुलभूषण गौ-संत सेवी साकेतवासी सुदामादास महाराज प्रभु के अनन्य भक्त व परम भजनानंदी संत थे।वह ऐसे दिव्य कृपा मूर्ति थे, जिनके दर्शन मात्र से ही जीव का कल्याण हो जाता है।वह अत्यंत विरक्त,सहज,सरल,निस्पृह एवं परम वीतरागी थे।उन्हीं का प्रताप है कि आज श्रीनाभापीठ सुदामाकुटी आश्रम श्रीधाम वृन्दावन ही नहीं अपितु समूचे ब्रज का दैदीप्यमान ललाट बन कर शोभायमान हो रहा है।
श्रीनाभापीठाधीश्वर श्रीमज्जगद्गुरु द्वाराचार्य स्वामी सुतीक्ष्णदास देवाचार्य महाराज एवं श्रीमहंत अमरदास महाराज ने कहा कि हम सभी को भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलकर उनके चरित्र एवं गुणों को आत्मसात करना चाहिए। यदि हम उनके किसी एक गुण को भी अपने जीवन में समाहित करलें तो निश्चित ही हमारा कल्याण हो सकता है।भगवान श्रीराम ने भ्रातृ प्रेम, मित्र प्रेम व भक्त प्रेम को सर्वोपरि माना। श्रीराम ने ऊंच-नीच के भाव को समाप्त कर समानता व समरसता की लहर को संसार में प्रवाहित किया। इसीलिए श्रीराम सभी वर्णों में पूजित हैं।
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र एवं प्रख्यात साहित्यकार “यूपी रत्न” डॉ. गोपाल चतुर्वेदी ने कहा कि श्रीनाभा पीठाधीश्वर जगद्गुरु द्वाराचार्य सुतीक्ष्णदास महाराज के निर्देशन में श्रीरामानंदीय वैष्णव सेवा ट्रस्ट के द्वारा चलाए जा रहे सेवा प्रकल्प संत सुदामादास महाराज की सदप्रेरणा व कृपा से ही संभव हो पा रहे हैं।साथ ही इनको और अधिक वृहद स्तर पर चलाने के लिए श्रीनाभा सुदामाकुटी एवं श्रीरामानंदीय वैष्णव सेवा ट्रस्ट पूर्ण समर्पण के साथ जुटा हुआ है।
इस अवसर पर मथुरा-वृन्दावन क्षेत्र के विधायक पण्डित श्रीकान्त शर्मा, अखिल भारत वर्षीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व ब्रज प्रांत अध्यक्ष पण्डित बिहारीलाल वशिष्ठ, प्रख्यात भजन गायक पण्डित बनवारी महाराज, संत प्रवर बिहारीदास भक्तमाली महाराज, आचार्य मारुति नन्दन वागीश, युवराज श्रीधराचार्य, महंत बाबा संतदास महाराज, साध्वी डॉ. राकेश हरिप्रिया, श्रीमहंत रामदास महाराज, प्रमुख भाजपा नेता पण्डित योगेश द्विवेदी, संत रामसंजीवन दास महाराज, महंत राघव दास महाराज, महंत अवधेशदास महाराज (बयाना), युवा साहित्यकार डॉ. राधाकांत शर्मा, मोहन शर्मा, भरत शर्मा, नंदकिशोर अग्रवाल, आचार्य ईश्वरचन्द्र रावत, आचार्य बुद्धिप्रकाश शास्त्री, भागवत विदुषी कीर्ति किशोरी आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।महोत्सव का समापन महंतों का सम्मान व सन्त, ब्रजवासी, वैष्णव सेवा एवं वृहद भंडारे के साथ हुआ।

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