कार्यक्रम

मोक्ष प्राप्ति का सबसे सुगम मार्ग है श्रीमद्भागवत महापुराण : पुराणाचार्य डॉ. मनोज मोहन शास्त्री

(डॉ. गोपाल चतुर्वेदी)

वृन्दावन।गांधी मार्ग स्थित श्रीनाथ धाम में सप्त दिवसीय 29वां अष्टोत्तरशत श्रीमद्भागवत सप्ताह पारायण एवं कथा महोत्सव अत्यन्त श्रद्धा एवं धूमधाम के साथ प्रारम्भ हो गया है।महोत्सव का शुभारभ प्रख्यात सन्त आनंदम धाम पीठाधीश्वर सद्गुरु ऋतेश्वर महाराज ने ठाकुरजी के चित्रपट के समक्ष वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य दीप प्रज्ज्वलित करके किया।तत्पश्चात व्यासपीठ पर आसीन मानस राजहंस, पुराणाचार्य डॉ. मनोज मोहन शास्त्री ने विश्वभर से आए सैकड़ों भक्तों-श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत महापुराण के महात्म्य की कथा का रसास्वादन कराया।
पुराणाचार्य डॉ. मनोज मोहन शास्त्री ने कहा कि अखिल कोटि ब्रह्माण्ड नायक परब्रह्म परमेश्वर भगवान श्रीकृष्ण का शब्द स्वरूप ग्रंथ श्रीमद्भागवत महापुराण साक्षात कल्पवृक्ष के समान है।इसका आश्रय लेने वाले व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।साथ ही उनके सभी पापों का क्षय हो जाता है।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत में समस्त धर्म ग्रंथों का समावेश है।क्योंकि महर्षि वेदव्यासजी महाराज ने सभी ग्रंथों की रचना करने के बाद श्रीमद्भागवत महापुराण की रचना की थी।इसीलिए इसे पंचम वेद माना गया है।वस्तुत: मनुष्य की मोक्ष प्राप्ति का यदि कोई सबसे सुगम मार्ग है, तो वो श्रीमद्भागवत महापुराण ही है।
महोत्सव में पधारे आनंदम धाम पीठाधीश्वर सद्गुरु ऋतेश्वर महाराज ने कहा कि पुराणाचार्य डॉ. मनोज मोहन शास्त्री ने श्रीमद्भागवत, श्रीराम कथा एवं अन्य धर्म ग्रंथों के माध्यम से समूचे विश्व में धर्म व अध्यात्म का प्रचार-प्रसार करके असंख्य व्यक्तियों का कल्याण किया है और कर रहे हैं।साथ ही उन्हें श्रीकृष्ण भक्ति की ओर अग्रसर किया है।जो कि अति प्रशंसनीय है।
महोत्सव के समन्वयक प्रोफेसर के. एम. अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत 3 अगस्त को पूर्वाह्न 11 बजे से कोलकाता के भुवालका जन कल्याण ट्रस्ट के द्वारा ब्रज विभूति अभिनंदन समारोह एवं मेधावी छात्र छात्रा प्रोत्साहन समारोह आयोजित किया जाएगा।
इस अवसर पर श्रीनाभापीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी सुतीक्ष्णदास देवाचार्य महाराज, श्रीपीपाद्वाराचार्य जगद्गुरु बाबा बलरामदास देवाचार्य महाराज, प्रख्यात साहित्यकार डॉ. गोपाल चतुर्वेदी, राम कथा प्रवक्ता अशोक व्यास, वैष्णवाचार्य धीरज बावरा, पंडित आर. एन. द्विवेदी (राजू भैया), श्रीमती मीरा शर्मा, श्रीमती सुदेवी शर्मा, डॉ. राधाकांत शर्मा आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।महोत्सव में पधारे सभी आगंतुक अतिथियों का पीयूष शर्मा एवं पद्मनाभ शास्त्री ने पटुका ओढ़कर व प्रसाद भेंट कर अभिनंदन किया।

About the author

Rekha Singh

Add Comment

Click here to post a comment

Live News

Advertisments

Advertisements

Advertisments

Our Visitors

0208390
This Month : 7893
This Year : 7893

Follow Me