कार्यक्रम

वीरता, स्वामी भक्ति, बुद्धि-ज्ञान आदि के भंडार हैं हनुमानजी महाराज : वैष्णवाचार्य मारुतिनंदनाचार्य “वागीशजी” महाराज

(डॉ. गोपाल चतुर्वेदी)

वृन्दावन।रुक्मिणी विहार रोड़ (निकट केशव धाम) स्थित भागवत पीठ में सत्य सनातन सेवार्थ संस्थान चैरिटेबल ट्रस्ट,वृन्दावन के द्वारा श्रावण मास के पावन उपलक्ष्य में सप्तदिवसीय 28वां श्रावण झूलन भागवत महोत्सव अत्यंत श्रद्धा एवं धूमधाम के साथ चल रहा है। जिसके अंतर्गत मंगलवार को सायं काल श्रीहनुमद् आराधन मंडल के द्वारा संगीतमय सुंदरकांड का सामूहिक पाठ किया गया।साथ ही श्रीहनुमानजी महाराज की आरती की गई।
इस अवसर पर आचार्य/भागवत पीठाधीश्वर वैष्णवाचार्य मारुति नंदनाचार्य “वागीशजी” महाराज एवं युवराज श्रीधराचार्य महाराज ने कहा कि श्रीहनुमानजी महाराज समस्त सद्गुणों की खान हैं। उनमें वीरता, स्वामी भक्ति, बुद्धि-ज्ञान आदि का भंडार है।जो व्यक्ति जिस कामना से उनकी पूजा-अर्चना करता है,उसकी कामना वे निश्चित ही पूर्ण करते हैं।
प्रख्यात साहित्यकार डॉ. गोपाल चतुर्वेदी एवं भागवताचार्य डॉ. अशोक शास्त्री ने कहा कि श्रीहनुमानजी महाराज भक्ति शिरोमणि हैं।कलिकाल में श्रीहनुमानजी की आराधना के बिना भगवान श्रीरामजी की भक्ति प्राप्त कर पाना असम्भव है।
श्रीराम कथा मर्मज्ञ अशोक व्यास एवं डॉ. राधाकांत शर्मा ने कहा कि सुंदरकांड का पाठ सभी बाधाओं को दूर करने वाला है।इस पाठ को करने से श्रीहनुमानजी महाराज शीघ्र ही प्रसन्न होकर भक्तों को मनवांछित फल प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर भागवताचार्य शैलेन्द्र कृष्ण शास्त्री, पण्डित श्याम सुन्दर ब्रजवासी, संगीताचार्य धर्मवीर महाराज, आचार्य भरत शास्त्री आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।कार्यक्रम का विश्राम संत, ब्रजवासी, वैष्णव सेवा एवं वृहद भंडारे के साथ हुआ।

About the author

Rekha Singh

Add Comment

Click here to post a comment

Live News

Advertisments

Advertisements

Advertisments

Our Visitors

0181563
This Month : 12816
This Year : 118856

Follow Me