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मर्यादा व सत्य से परिपूर्ण है भगवान श्रीराम का जीवन चरित्र : जगद्गुरु स्वामी अनिरुद्धाचार्य महाराज

 

(डॉ. गोपाल चतुर्वेदी)

वृन्दावन।केशीघाट स्थित श्रीजानकी वल्लभ मंदिर में श्रीमद् वेदान्त देशिक आश्रम ट्रस्ट के द्वारा दस दिवसीय ठा. श्रीजानकीवल्लभ लालजी का 50वां (स्वर्ण जयंती) प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव एवं बैकुंठवासी श्रीवेदान्तदेशिक पीठाधीश्वर अनंतश्री विभूषित जगद्गुरु स्वामी रामानुजाचार्य परमहंस स्वामी भगवानदासाचार्य महाराज का 25वां (रजत जयंती) त्रिपाद्विभूति प्राप्ति महोत्सव अत्यंत श्रद्धा व धूमधाम के साथ चल रहा है।जिसके साथ ही 11 वेदज्ञ ब्राह्मणों के द्वारा नित्य श्रीमद्वाल्मीकी रामायण का मूल पाठ किया जा रहा है।
महोत्सव के अंतर्गत चल रही श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण कथा में व्यास पीठ से श्रीजानकी वल्लभ मंदिर के अध्यक्ष जगद्गुरु स्वामी अनिरुद्धाचार्य महाराज ने देश विदेश से आए असंख्य भक्तों श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम और माता जानकी के विवाह का प्रसंग की कथा श्रवण कराई।साथ ही भगवान के विवाह की अत्यंत मनोहारी और चित्ताकर्षक झांकी सजाई गई।इसके अलावा विवाह से संबंधित भजनों का संगीत की मृदुल स्वर लहरियों के मध्य गायन किया गया।
व्यास पीठ पर आसीन जगद्गुरु स्वामी अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन चरित्र अत्यंत उदात्त, मर्यादायुक्त व सत्य से परिपूर्ण है। इसीलिए वो प्रत्येक व्यक्ति के हृदय को छू लेता है। क्योंकि वह मर्यादा का पालन करने में अग्रणीय थे, इसीलिए वे मर्यादा पुरुषोत्तम कहे जाते हैं।उनका चरित्र सत्यपरायणता व सहिष्णुता में भी सर्वप्रमुख है।
पूज्य महाराजश्री ने कहा कि भगवान श्रीराम का पृथ्वी पर अवतरण गौ रक्षा,संत-विप्र हित के लिए व राक्षसों के संहार के लिए हुआ था। साथ ही वह भक्तों के कल्याण के लिए पृथ्वी पर प्रगटे थे।
इस अवसर पर सुग्रीव किला अयोध्या/वृन्दावन पीठाधीश्वर जगतगुरु स्वामी विश्वेशप्रपन्नाचार्य महाराज, जगतगुरु स्वामी अनंताचार्य महाराज, चतु:सम्प्रदाय के श्रीमहंत बाबा फूलडोल बिहारीदास महाराज, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. गोपाल चतुर्वेदी, पुराणाचार्य डॉ. मनोज मोहन शास्त्री, आचार्य ऋषि कुमार तिवारी, आचार्य नेत्रपाल शास्त्री, स्वामी माधव नारायण ब्रह्मचारी महाराज, स्वामी रघुनाथाचार्य महाराज, स्वामी गोविंददास महाराज, संत सेवानंद ब्रह्मचारी, डॉ. राधाकांत शर्मा, महेशचंद्र अग्रवाल (दिल्ली), राम अवतार नरसरिया (रांची), सत्य नारायण फोगला (हैदराबाद), गुलशन कुमार महाजन (जम्मू) डॉ. रमेश चंद्र गुप्ता (दिल्ली), भारत भूषण (दिल्ली), मुकेश शास्त्री एवं रामानारायण पुजारी आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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