कार्यक्रम

ब्रज की अति प्राचीन भक्ति कला है रासलीला : श्रीमहंत लाड़िली शरण महाराज

(डॉ. गोपाल चतुर्वेदी)

वृन्दावन।गोविन्द घाट स्थित अखिल भारतीय निर्मोही बड़ा अखाड़ा श्रीहित रासमंडल में श्रावण मास के अवसर पर चल रहे 12 दिवसीय दिव्य झूलन महोत्सव के अंतर्गत श्रीमहंत लाड़िली शरण महाराज के पावन सानिध्य में रासाचार्य स्वामी देवेंद्र वशिष्ठ की रासमंडली द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का अत्यंत नयनाभिराम व चित्ताकर्षक मंचन किया गया।जिसका दर्शन कर सभी भक्त-श्रृद्धालु भाव-विभोर हो गए।
श्रीहित रासमंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत लाड़िली शरण महाराज ने कहा कि रासलीला ब्रज की अति प्राचीन भक्ति कला है।जिसके माध्यम से ब्रज के ब्रजवासी कलाकार देश के विभिन्न प्रांतों के अलावा विदेशों में भी भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का प्रचार-प्रसार करते हैं।रासलीला के माध्यम से भक्त अपने परमाराध्य ठाकुर श्रीकृष्ण और श्रीराधा रानी को रिझाने का प्रयास करते हैं।
झूलन महोत्सव में महंत दंपति शरण महाराज (काकाजी),
ब्रज साहित्य सेवा मंडल के अध्यक्ष डॉ. गोपाल चतुर्वेदी, राधावल्लभ वशिष्ठ, इंद्र कुमार शर्मा, प्रियावल्लभ वशिष्ठ, युवा साहित्यकार डॉ. राधाकांत शर्मा एवं लालू शर्मा आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

Live News

Advertisments

Advertisements

Advertisments

Our Visitors

0181652
This Month : 12905
This Year : 118945

Follow Me