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प्रभु का नाम अत्यंत पावन व मंगलकारी है : श्रीहित रामप्रकाश भारद्वाज “मधुरजी”

वृन्दावन।गोविंद घाट स्थित अखिल भारतीय निर्मोही बड़ा अखाड़ा (श्रीहित रासमंडल)पर श्रीराम नवमी के उपलक्ष्य में
नव-दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव अत्यंत श्रद्धा एवं धूमधाम के साथ प्रारम्भ हो गया है।श्रीहित रासमंडल के श्रीमहंत लाड़िली शरण महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित इस महोत्सव का शुभारंभ यमुना तट गोविंद घाट से कथा स्थल तक गाजे-बाजे के साथ निकलने वाली भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ।जिसमें अनेकों महिलाएं सोलह श्रृंगार कर एवं सिर पर मंगल कलश धारण किए साथ चल रही थीं।
व्यासपीठ से भक्तों-श्रृद्धालुओं को श्रीराम कथा श्रवण कराते हुए प्रख्यात धर्माचार्य श्रीहित रामप्रकाश भारद्वाज महाराज “मधुरजी” ने कहा कि भगवान श्रीराम का चरित्र अत्यंत महिमामयी है।उनकी कथा को श्रवण कर आत्मसात करने से अपने देश व समाज का कल्याण हो सकता है।उनका नाम अत्यंत पावन व मंगलकारी है।
उन्होंने कहा कि हर मनुष्य को अपने जीवन में श्रीराम नाम का सुमिरन अवश्य करना चाहिए।ऐसा करने से व्यक्ति के समस्त पापों व बुराइयों का नाश हो जाता है।साथ ही उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।
इस अवसर पर श्रीमहंत दंपति शरण महाराज (काकाजी),
वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. गोपाल चतुर्वेदी,महोत्सव के संयोजक डॉ. जय श्रीराम (मांट वाले), रासाचार्य देवेंद्र वशिष्ठ, राधावल्लभ वशिष्ठ, डॉ. राधाकांत शर्मा, प्रियाशरण वशिष्ठ, इन्द्र शर्मा, लालू शर्मा, दिनेश सिंह तरकर आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
डॉ. गोपाल चतुर्वेदी
9412178154

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