महोदय
धर्मेन्द्र कुमार चौधरी
केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राज्य में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भले ही भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलरेन्स की बात कही जा रही है,लेकिन सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा बगैर रिश्वत की शायद ही जनता का कोई काम किया जा रहा हो। कहा जाता है कि हम रिश्वत देते हैं, इसलिए व्यवस्था में भ्रष्टाचार व्याप्त है।cलेकिन कोई बताए ऐसा कौन-सा सरकारी कार्यालय है,जहाँ बगैर घूस खाए कोई छोटा-बड़ा सरकारी अधिकारी या कर्मचारी काम करता हो। सच्चाई यह है कि आप लाख कोशिशों के बावजूद इस भ्रष्टाचारी व्यवस्था बच नहीं सकते।
केन्द्र सरकार के कार्यालय हांे,या फिर राज्य सरकार के कलेक्टेट, तहसील, नगर निगम, उपनिबन्धक फर्म्स, चिट्स,सोसाइटी, डॉ.भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय, शिक्षा विभाग, आर.टी.ओ समेत किसी कार्यालय में कोई काम रिश्वत लिए नहीं किया जा रहा है। उदाहरण के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना में 40से 50 हजार रिश्वत,तो घरों में शौचालय बनवाने में दो हजार रुपए लिए बिना योजना का मिलना असम्भव है। यहाँ तक राशनकार्ड बनवाने, विधवा, वृद्धावस्था,विकलांगता पेंशन के लिए सुविधा शुल्क देनी हेाती है। यहाँ तक किसानों से प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना में अपना नाम आदि सही कराने के लिए रिश्वत माँगी जाती है। किसानों को तहसील में लेखपाल या किसी भी दूसरे कर्मचारियों द्वारा बिना दाम के कोई काम नहीं होता है। थानों में बगैर रिश्वत के रिपोर्ट दर्ज नहीं होती। यह उस पर आगे की कार्रवाई नहीं होती।
धर्मेन्द्र कुमार चौधरी सी-429 ट्रान्स यमुना,आगरा-282006 मो.नम्बर-9412813583





















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