वृन्दावन।हरिवंश नगर स्थित वानप्रस्थ धाम फेस -1 में श्रीराधा माधव सेवा संस्थान ट्रस्ट के तत्वावधान में एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई।जिसमें प्रख्यात भागवताचार्य एवं वानप्रस्थ धाम के संस्थापकाध्यक्ष डॉ. चतुर नारायण पाराशर की माताजी श्रीमती राजबाई पाराशर के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया गया।साथ ही प्रमुख संतों, विद्वानों, धर्माचार्यों, समाजसेवियों व राजनेताओं के द्वारा उनके चित्रपट के समक्ष पुष्प चढ़ा कर अपनी श्रद्धांजलि व भावांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर प्रख्यात साहित्यकार “यूपी रत्न” डॉ. गोपाल चतुर्वेदी ने कहा कि स्वर्गीय श्रीमती राजबाई पाराशर अत्यंत सेवाभावी व धर्म परायण महिला थीं।उन्हीं की सद्प्रेरणा और आशीर्वाद से डॉ. चतुर नारायण पाराशर ने श्रीधाम वृन्दावन में वानप्रस्थ धाम की स्थापना की।जिसके द्वारा वे असंख्य संतों-ब्रजवासियों, दीन-दुखियों व निर्धनों निराश्रितों की सेवा कर रहे हैं।साथ ही श्रीमद्भागवत महापुराण, श्रीराम कथा व अन्य धर्म ग्रंथों के माध्यम से देश ही नहीं अपितु विदेशों में भी प्राचीन भारतीय वैदिक संस्कृति एवं सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार कर तमाम व्यक्तियों को धर्म-अध्यात्म के मार्ग से जोड़कर उनका कल्याण कर रहे हैं।
पण्डित रामांश पाराशर एवं पवन पाराशर ने बताया कि उनकी पूज्यनीय दादीश्री का गंगा पूजन व संत भंडारा 05 अप्रैल 2025 को होगा।जिसमें असंख्य व्यक्ति भोजन प्रसाद ग्रहण करेंगे।
श्रद्धांजलि सभा में धन्नालाल पाराशर, लक्ष्मी नारायण पाराशर, राम नारायण, डॉ. परमानन्द पाराशर, बद्रीप्रसाद, खेमचंद्र, पूरनचन्द्र, अशोक, मदन लाल, संतोष आदि की उपस्थिति विशेष रही।
अत्यंत सेवाभावी व धर्म परायण महिला थीं स्वर्गीय श्रीमती राजबाई पाराशर : डॉ. गोपाल चतुर्वेदी




















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