(डॉ. गोपाल चतुर्वेदी)
वृन्दावन।अठखंबा क्षेत्र (निकट श्री मोटे गणेश मन्दिर) स्थित भक्तमाल कुटी में श्रीभक्तमाल परिषद् व “निंबार्क भूषण” डॉ. (प्रो.) प्रेम नारायण श्रीवास्तव स्मृति समिति के संयुक्त तत्वावधान में श्रीभक्तमाल जयंती महोत्सव तथा “निंबार्क भूषण” निकुंजवासी डॉ. (प्रो.) प्रेम नारायण श्रीवास्तव (हिन्दी विभागाध्यक्ष, प्राच्य दर्शन महाविद्यालय, वृन्दावन) का पुण्य स्मृति महोत्सव अत्यन्त श्रद्धा एवं धूमधाम के साथ सम्पन्न हुआ। जिसके अंतर्गत प्रातःकाल सन्त-सेवा, पूजन अर्चन एवं अमनिया वितरण किया गया।तत्पश्चात श्रीनिंबार्क संप्रदाय के संतो द्वारा समाज मुखिया प्रेम दास महाराज की मुखियायी में श्रीभक्तमाल जी का पाठ व मंगल बधाई समाज गायन सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित विशिष्ट जन सम्मान समारोह में धर्म-अध्यात्म के क्षेत्र में शरणागति आश्रम के महंत बिहारीदास भक्तमाली महाराज, संगीत के क्षेत्र में निंबार्क संप्रदाय के समाज मुखिया प्रेमदास महाराज, साहित्य के क्षेत्र में प्रख्यात साहित्यकार “यूपी रत्न” डॉ. गोपाल चतुर्वेदी, शिक्षा के क्षेत्र में प्रमुख शिक्षाविद् डॉ. प्रताप पाल शर्मा (पूर्व प्राचार्य – प्राच्य दर्शन संस्थान, वृन्दावन) एवं ब्रज संस्कृति के क्षेत्र में प्रख्यात रासाचार्य स्वामी कुंज बिहारी शर्मा (भैयाजी) को सम्मानित कर उन्हें “डॉ. प्रेम नारायण श्रीवास्तव स्मृति सम्मान – 2026” से अलंकृत किया गया।उन्हें यह सम्मान समिति के अध्यक्ष अतुल श्रीवास्तव व मथुरा-वृन्दावन नगर निगम के उप-सभापति मुकेश सारस्वत ने प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्र व ठाकुरजी का पटुका-प्रसादी-माला आदि भेंट करके दिया।
महोत्सव में उपस्थित संतों और विद्वानों ने कहा कि निकुंजवासी प्रोफेसर डॉक्टर प्रेम नारायण श्रीवास्तव हिंदी और अंग्रेजी भाषा व साहित्य के प्रख्यात विद्वान थे। साथ ही वे अत्यंत सहज, सरल, उदार और परोपकारी गृहस्थ संत थे। वे न केवल वृंदावन के अपितु समूचे देश के गौरव थे।
इस अवसर पर सन्त जयकिशोर शरण महाराज, आचार्य राजेश पाण्डेय, आचार्य बद्रीश महाराज, कार्यक्रम के संयोजक शुभम श्रीवास्तव, परम् हितधर्मी डॉ. चन्द्र प्रकाश शर्मा, प्रमुख शिक्षाविद् अभय वशिष्ठ, प्राचार्य ब्रज किशोर त्रिपाठी, भागवताचार्य रामनिवास शास्त्री, डॉ. राधाकांत शर्मा, महंत मधुमंगल शरण शुक्ल, डॉ. श्याम बिहारी खंडेलवाल, डॉ. जयेश खंडेलवाल (हित जस अलि) आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन सन्त, वैष्णव ब्रजवासी वैष्णव सेवा एवं वृहद भंडारे के साथ हुआ।जिसमें सैकड़ों व्यक्तियों ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया।






















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