(डॉ. गोपाल चतुर्वेदी)
वृन्दावन।गांधी मार्ग स्थित श्रीअमरनाथ धाम में धर्म, आध्यात्म एवं सेवा को समर्पित भागवत एवं संस्था के तत्वाधान में निर्फाद ग्रामीण चिकित्सालय के सहयोग से भारत सरकार के अंधता निवारण कार्यक्रम के अंतर्गत त्रिदिवसीय निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर “वैदिक पथिक” भागवत किंकर अनुराग कृष्ण शास्त्री (कन्हैया जी) की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।जिसके अन्तर्गत सैकड़ो नेत्र रोगियों के मोतियाबिंद का निशुल्क ऑपरेशन कर उन्हें नेत्र ज्योति प्रदान की गई।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि मथुरा-वृंदावन नगर निगम के उप-सभापति मुकेश सारस्वत ने कहा कि नेत्रों में रोशनी देना बहुत पुन्य का कार्य है। आज संस्था के द्वारा अनुराग कृष्ण शास्त्री ने अपने पूज्य दादा गुरुजी गोलोकवासी पुराणाचार्य श्रीनाथ शास्त्री एवं पूज्य. अम्माजी श्रीमती पुष्पवती शर्मा की स्मृति में यह जो तीन दिवसीय निशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर का आयोजन किया है, वो बहुत प्रसंसनीय कार्य है। आर्थिक दृष्टि से कमजोर लोगों के नेत्रों का उपचार करके उन्हें पुनः रोशनी प्रदान करना ईश्वर की सच्ची सेवा है।
विशिष्ट अतिथि वृंदावन विद्यापीठ इंटर कॉलेज के भौतिक विज्ञान विभाग के प्रवक्ता सुंदर सिंह ने कहा के संस्था के द्वारा नेत्रों में रोशनी देने का जो कार्य किया जा रहा है, वो अद्भुत व अकल्पनीय है।
कार्यक्रम के अध्यक्ष भागवत किंकर अनुराग कृष्ण शास्त्री ने कहा कि विगत 2013 से निरंतर 1 जनवरी से 3 जनवरी तक यह शिविर लगाने का सौभाग्य मुझे प्राप्त होता रहा है।मैं रोगियों में नारायण के दर्शन करता हूं और उनकी सेवा ही नारायण की सेवा है। पूज्य दादा गुरुजी ने मुझे जो आदेश दिए हैं चाहे वह भागवत पठन-पाठन का हो, चाहे गौ सेवा का हो, चाहे सनातन संस्कृति के संरक्षण का हो सभी कार्य उन्हीं की आज्ञा से मैं कर रहा हूं।
कार्यक्रम के संयोजक देवेंद्र शर्मा ने कहा के निर्फाद नेत्र चिकित्सालय के द्वारा जनपद में आठ स्थानों पर 303 ओपीडी की गई।जिनमें डेढ़ सौ लोगों के मोतियाबिंद और काला पानी के ऑपरेशन किये गए हैं।
कार्यक्रम में संस्था के द्वारा निर्फाद हॉस्पिटल की समस्त टीम को मुख्य अतिथि मुकेश सारस्वत ने प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर संस्था के सचिव डॉक्टर कृष्ण कुमार शर्मा, डॉक्टर मनोज महोलिया, सुबोध कुमार मिश्रा, वैभव अग्निहोत्री, आर.के. लवानिया, मिनेश यादव, भारत, जीतू, शुभम, लव, जय नारायण शुक्ला, श्याम सुंदर एवं नागेश आदि की उपस्थिति विशेष रही।





















This Month : 7290
This Year : 7290
Add Comment