कार्यक्रम

सन्तश्री प्रेमधन लालनजी महाराज के श्रीमुख से श्रीकृष्ण जन्म की कथा श्रवण कर भाव-विभोर हुए भक्त-श्रद्धालु

(डॉ. गोपाल चतुर्वेदी)

वृन्दावन।कालीदह क्षेत्र स्थित राधा कृपा आश्रम में लाला सट्टनलाल अग्रवाल परिवार (मुम्बई) के द्वारा ठाकुरश्री ब्रजवल्लभ लाल महाराज एवं सद्गुरुश्री सन्त मां ब्रजदेवी जी के पावन सानिध्य में चल रहे सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव के चौथे दिन व्यासपीठ से प्रख्यात भागवताचार्य सन्तश्री प्रेमधन लालनजी महाराज ने देश-विदेश से आए समस्त भक्तों-श्रद्धालुओं को अपनी मधुर वाणी के द्वारा वामन अवतार, बलि प्रसंग, गंगा अवतरण, श्रीराम जन्म एवं श्रीकृष्ण जन्म की कथा श्रवण कराई।
श्रद्धेय सन्तश्री प्रेमधन लालनजी महाराज ने भगवान के दिव्य स्वरूप का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान ने श्रीकृष्ण के रूप में ब्रज में अवतार लेकर पूरब से लेकर पश्चिम तक धर्म की स्थापना के लिए समस्त राक्षसों का उद्धार कर सभी जीवों को सुख प्रदान किया।
उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर जब-जब अधर्म बढ़ता है और धर्म की हानि होने लगती है,तब-तब अधर्म का नाश करने के लिए और धर्म की रक्षा व पुनःस्थापना के लिए भगवान नारायण पृथ्वी पर अवतरित होते हैं।इसीलिए वे तारणहार कहे जाते हैं।
महोत्सव में पधारे श्रीराधा रमण मन्दिर के सेवाधिकारी वैष्णवाचार्य श्रीवत्स गोस्वामी महाराज ने कहा कि अखिल कोटि ब्रह्मांड नायक भगवान श्रीकृष्ण ने पृथ्वी पर जन्म लेकर न केवल पापियों, अत्याचारियों व दैत्यों का संघार किया बल्कि उन तमाम भक्तों, ऋषियों-मुनियों एवं साधु-संतों की वाणियों को साकार किया, जिन्होंने पूर्व जन्मों में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं में संलग्न होने का वरदान प्राप्त किया था।
कार्यक्रम के अंतर्गत ब्रज सेवा संस्थान के अध्यक्ष “यूपी रत्न” डॉ. गोपाल चतुर्वेदी ने व्यासपीठ का पूजन अर्चन करके संत श्री प्रेम धन लालन जी महाराज का उनके द्वारा धर्म व अध्यात्म के क्षेत्र में की गई अविस्मरणीय सेवाओं के लिए सम्मान किया।
इससे पूर्व भव्य नंदोत्सव आयोजित किया गया।साथ ही भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की दिव्य झांकी सजाई गई।इसके अलावा जन्म से संबंधित बधाईयों व भजनों का संगीत की मृदुल स्वर लहरियों के मध्य गायन किया गया।जिसके अंतर्गत रुपए-पैसे, खेल-खिलौने, वस्त्र-आभूषण आदि लुटाए गए।
इस अवसर पर श्रीराधावल्लभ सम्प्रदायाचार्य गोस्वामी सुकृत लाल महाराज, सन्त बिहारी दास भक्तमाली, राष्ट्रपति पुरुस्कार प्राप्त प्रख्यात रासाचार्य स्वामी फतेह कृष्ण शर्मा, पण्डित रवि शर्मा (इन्दौर), स्वामी राधाकांत शर्मा (छोटे स्वामी), कृष्णांश शर्मा, मुख्य यजमान अशोक कुमार अग्रवाल (मुम्बई), श्रीमती ऊषा अग्रवाल, अरविन्द कुमार अग्रवाल, श्रीमती भारती अग्रवाल, अरुण कुमार अग्रवाल, श्रीमती कल्पना अग्रवाल, अजय अग्रवाल, आशीष गोयल, सीमा अग्रवाल, ऋतु गोयल, कंचन कृष्ण, साध्वी कुंज दासी, साध्वी प्रिया दासी, साध्वी हरि दासी, गुंजन मेहता, नवीन अग्रवाल, सविता अग्रवाल, अश्विन अग्रवाल व अदिति अग्रवाल (अमेरिका) के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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