कार्यक्रम

परम् उदारवादी एवं त्यागमूर्ति थे योगीराज परशुराम दास महाराज : बाबा बलरामदास देवाचार्य महाराज

 

(डॉ. गोपाल चतुर्वेदी)

वृन्दावन।सुनरख रोड़ स्थित रामकृष्ण कुंज में प्रख्यात संत योगीराज परशुराम दास महाराज का जयंती महोत्सव एवं तुलसी-शालिग्राम विवाह महोत्सव अत्यंत श्रद्धा व धूमधाम के साथ प्रमुख संतों-विद्वानों एवं धर्माचार्यों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।जिसके अन्तर्गत परिक्रमा मार्ग स्थित सुखधाम आश्रम से शालिग्राम भगवान की भव्य बारात अत्यंत धूमधाम और गाजे-बाजे के साथ विवाह स्थल तक निकाली गई।साथ ही बैंड-बाजों के बीच मंगल गान गाए गए।इसके अलावा आतिशबाजी व पटाखे चलाए गए।
इस अवसर पर आयोजित संत-विद्वत सम्मेलन में अपने विचार व्यक्त करते हुए श्रीपीपाद्वाराचार्य जगद्गुरू बाबा बलरामदास देवाचार्य महाराज ने कहा कि योगीराज परशुराम दास महाराज परम् उदारवादी एवं त्यागमूर्ति थे।उनके जीवन में प्रभु का भजन व साधु सेवा ही सर्वोपरि था।ऐसी दिव्य पुण्यात्माएं पृथ्वी पर कभी-कभार ही अवतरित होती हैं।
प्रख्यात साहित्यकार “यूपी रत्न” डॉ. गोपाल चतुर्वेदी एवं भागवताचार्य रविशंकर पाराशर “बवेले जी” ने कहा कि योगीराज परशुराम दास महाराज परम तपस्वी एवं सिद्ध संत थे।उनका सम्पूर्ण जीवन वैदिक सनातन संस्कृति, संतों एवं परोपकार के लिए समर्पित रहा।वे भले ही आज हमारे बीच न हों, परंतु उनके दिव्य परमाणु आज भी इस आश्रम में विद्यमान हैं और हम सबका कल्याण कर रहे हैं।
महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. आदित्यानंद गिरि महाराज एवं पूर्व प्राचार्य डॉ. राम सुदर्शन मिश्र ने कहा कि संत शिरोमणि योगीराज परशुराम दास महाराज श्रीरामानंदीय संप्रदाय के परम् उपासक थे।उन्होंने अपनी साधना के बल पर असंख्य व्यक्तियों को प्रभु भक्ति के मार्ग से जोड़कर उनका कल्याण किया।ऐसे दिव्य संतों का दर्शन सदैव ही मंगलकारी होता है।
महोत्सव में श्रीराधा उपासना कुंज के महन्त बाबा संतदास महाराज, ब्रज अकादमी की सचिव साध्वी डॉ. राकेश हरिप्रिया, महन्त जगन्नाथ दास शास्त्री महाराज, महन्त आचार्य रामदेव चतुर्वेदी, आचार्य नेत्रपाल शास्त्री, संत सेवानंद ब्रह्मचारी, महन्त जयराम दास महाराज, महन्त सनत कुमार दास महाराज, महन्त शिवदत्त प्रपन्नाचार्य महाराज, आचार्य अच्युत कृष्ण पाराशर, महन्त श्याम दास महाराज, युवा साहित्यकार डॉ. राधाकांत शर्मा, महन्त लाड़िली दास, कोतवाल गंगानंद महाराज आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।महोत्सव के अंतर्गत बाबा बलराम दास देवाचार्य महाराज ने सभी आगंतुक संतों, महन्तों व विद्वानों का पटुका ओढ़ाकर, प्रसाद और दक्षिणा आदि देकर सम्मान किया।

Live News

Advertisments

Advertisements

Advertisments

Our Visitors

0232984
This Month : 1282
This Year : 32487

Follow Me