(डॉ. गोपाल चतुर्वेदी)
वृन्दावन।दावानल कुंड क्षेत्र स्थित करह आश्रम में श्रीविजय राघव सरकार ट्रस्ट के द्वारा अनंतश्री विभूषित श्रीकरह बिहारी सरकार बाबा श्रीश्री 1008 श्रीराम दास महाराज का 21वां अष्टदिवसीय सियपिय मिलन महोत्सव अत्यंत श्रद्धा एवं धूमधाम के साथ चल रहा है।जिसके अंतर्गत श्रीराम चरित मानस का संगीतमय सामूहिक पाठ, श्रीशतचंडी महायज्ञ, अखंड भगवन्नाम संकीर्तन, रुद्राभिषेक, अखंड हनुमान चालीसा पाठ, अखंड चौबीस चौपाई पाठ, श्रीमद्भागवत मूल पाठ आदि के कार्यक्रम भी चल रहे हैं।
महोत्सव के दूसरे दिन आयोजित संत-विद्वत सम्मेलन में अपने विचार व्यक्त करते हुए जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी
विश्वेशप्रपन्नाचार्य महाराज व पुराणाचार्य डॉ. मनोज मोहन शास्त्री ने कहा कि पूज्य श्रीराम दास महाराज परम् विरक्त एवं सिद्ध संत थे।उनके रोम-रोम में संतत्व विद्यमान था।उन जैसी दिव्य विभूतियों से ही भारतीय वैदिक सनातन संस्कृति पल्लवित व पोषित होती है।
प्रख्यात साहित्यकार डॉ. गोपाल चतुर्वेदी एवं प्रमुख समाजसेवी पण्डित बिहारीलाल वशिष्ठ ने कहा कि श्रीकरह बिहारी सरकार अत्यंत विलक्षण व चमत्कारी संत थे।उनके परमाणु आज भी हम लोगों को प्रेरणा व ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं।
आश्रम के प्रबन्धक बड़े भगतजी महाराज व महोत्सव के संयोजक राम अवतार भगतजी महाराज ने कहा कि हमारे सदगुरूदेव श्रीकरह बिहारी सरकार बाबा श्रीराम दास महाराज परम् भजनानन्दी व भगवदप्राप्त संत थे।उन जैसी पुण्यात्माओं से ही पृथ्वी पर धर्म व अध्यात्म का अस्तित्व है।
संत-विद्वत सम्मेलन में पूर्व प्राचार्य डॉ. रामकृपाल त्रिपाठी, पूर्व प्राचार्य डॉ. राम सुदर्शन मिश्रा, पण्डित देवदत्त शर्मा, बजरंग शरण महाराज, प्राचार्य अनिल शास्त्री, भागवताचार्य विवेक कृष्ण शास्त्री महाराज, डॉ. राधाकांत शर्मा, आचार्य ईश्वरचंद्र रावत, जगमोहन राजौरिया, रामदेव दयाल, जगदीश शर्मा आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।संचालन आचार्य रघुवीर पाराशर ने किया।महोत्सव में पधारे सभी संतों-विद्वानों का शॉल ओढ़ाकर व पटुका-प्रसादी-माला आदि भेंट कर स्वागत किया।इससे पूर्व प्रख्यात रासाचार्य स्वामी फतेह कृष्ण शर्मा के निर्देशन में रासलीला का अत्यंत नयनाभिराम व चित्ताकर्षक मंचन हुआ।तत्पश्चात संत, ब्रजवासी, वैष्णव सेवा एवं वृहद भंडारा आदि के कार्यक्रम भी संपन्न हुए।























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