महोत्सव के अंतर्गत श्रीश्री 108 श्रीमहंत किशोरदास देव जू महाराज के द्वारा किया गया नवनिर्मित भागवत सत्संग भवन का उदघाटन
(डॉ. गोपाल चतुर्वेदी)
वृन्दावन।गोपाल खार/परिक्रमा मार्ग क्षेत्र स्थित अवध धाम मन्दिर/आश्रम में श्रीअवधधाम गुरु कृपा ट्रस्ट, वृन्दावन के द्वारा ठाकुरश्री आनंद बिहारी सरकार का द्विदिवसीय वार्षिक आनन्द महोत्सव विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के मध्य श्रीअवध धाम मंदिर (पानीपत एवं वृंदावन) के अध्यक्ष पूज्य दाऊजी महाराज के पावन सानिध्य में अत्यंत श्रद्धा एवं धूमधाम के साथ संपन्न हुआ।इसके अलावा श्रीगोरीलाल कुंज के अध्यक्ष श्रीश्री 108 श्रीमहंत किशोरदास देव जू महाराज के द्वारा नवनिर्मित भागवत सत्संग भवन उदघाटन किया गया।
इस अवसर पर देश के विभिन्न प्रांतों से आए सभी भक्तों-श्रद्धालुओं को अपने आशीर्वचन देते हुए श्रीमहंत किशोरदास देव जू महाराज ने कहा कि मैं अत्यंत बड़भागी हूँ जो मुझे इस भागवत सत्संग भवन का उद्घाटन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।हमें आशा ही नही अपितु पूर्ण विश्वास है कि अवधधाम मन्दिर व आश्रम सदैव ही लोक-कल्याण कारी सेवाओं का निरंतर निर्वहन करता रहेगा।
वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. गोपाल चतुर्वेदी एवं प्रमुख समाजसेवी पण्डित बिहारीलाल वशिष्ठ ने कहा कि श्रीधाम वृन्दावन में अवध धाम मंदिर व आश्रम की स्थापना आज से 4 वर्ष पूर्व हुई थी।इसके द्वारा वृन्दावन से बाहर रहने वाले धर्म परायण व्यक्तियों को प्रभु भक्ति के मार्ग से जोड़ने का जो अविस्मरणीय कार्य किया जा रहा है,उसके लिए अवध धाम के परमाध्यक्ष पूज्य दाऊजी महाराज बहुत-बहुत बधाई के पात्र हैं।
अवधधाम के परमाध्यक्ष दाऊजी महाराज एवं प्रख्यात भागवताचार्य पंडित राधे राधे महाराज ने कहा कि वृन्दावन में अवधधाम मंदिर/आश्रम की स्थापना करने का उद्देश्य समूचे विश्व के कृष्ण भक्तों को श्रीधाम वृन्दावन से जोड़ना एवं लोक-कल्याण की विभिन्न जन सेवायें युद्ध स्तर पर करना है।
इससे पूर्व प्रातःकाल वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य ठाकुर श्रीआंनद बिहारी सरकार का पूजन-अर्चन कर उनकी 108 दीपकों से मंगला आरती की गई।तत्पश्चात समस्त भक्तों-श्रद्धालुओं द्वारा श्रीहरिनाम संकीर्तन के मध्य श्रीधाम वृन्दावन की पंचकोसी परिक्रमा की गई।रात्रि को संपन्न हुई सरस भजन संध्या में प्रख्यात भजन गायक वैष्णवाचार्य धीरज बावरा ने अपनी सुमधुर वाणी के द्वारा ठाकुर श्रीराधा-कृष्ण की महिमा से ओतप्रोत भजनों का गायन कर सभी श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
इस अवसर पर समिति के समन्वयक आचार्य वेदप्रकाश पाराशर महाराज, डॉ. निरंजन पाराशर, संत रासबिहारी दास महाराज, युवा साहित्यकार डॉ. राधाकांत शर्मा, अशोक नारंग, डॉ. रमेश चुघ,जगन्नाथ गोयल, तिलकराज मिगलानी, ओमप्रकाश विरमानी, रमेश खन्ना, राधेश्याम माटा, धीरज छाबड़ा, विपिन चुग, एवं अजय बंसल आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन आचार्य वेदप्रकाश पाराशर ने किया।
महोत्सव का समापन संत, ब्रजवासी, वैष्णव सेवा एवं वृहद भंडारा आदि के हुआ।जिसमें सैकड़ों व्यक्तियों ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया।






















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