कार्यक्रम

अत्यंत सेवा भावी व भजनानंदी संत थीं भक्तिमती पदमा बाई (बुआजी) : आचार्य विपिन बापू महाराज

 

(डॉ. गोपाल चतुर्वेदी)

वृन्दावन।छटीकरा रोड़ स्थित यशोदानंदन धाम में श्रीराधाकृष्ण प्रेम संस्थान(राजि.) के द्वारा चल रहे
भक्तिमती पदमा बाई (बुआजी) के अष्टदिवसीय षष्ठम पुण्य स्मृति महोत्सव के अंतर्गत श्रीहनुमद् आराधन मंडल के द्वारा सुंदरकाण्ड का संगीतमय सामूहिक पाठ किया गया।साथ ही श्रीहनुमानजी महाराज की विशेष आरती की गई।
इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रख्यात भागवताचार्य व भक्तिमती पदमा बाई (बुआजी) के परम् कृपापात्र आचार्य विपिन बापू महाराज ने कहा कि निकुंजवासी भक्तिमती पदमा बाई (बुआजी) अत्यंत सेवा भावी व भजनानंदी संत थीं।वे अपने परमाराध्य ठाकुर श्रीगोपालजी महाराज से नित्य लाड़-लड़ाया करती थीं।
महोत्सव में साध्वी माँ भावना रामानुजम माताजी एवं स्वामी ललित किशोर व्यासजी महाराज ने कहा कि भक्तिमती पदमा बाई (बुआजी) श्रीधाम वृन्दावन की बहुमूल्य विभूति थीं।उन जैसी दिव्यात्माओं से ही पृथ्वी पर धर्म व अध्यात्म का अस्तित्व है।
वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. गोपाल चतुर्वेदी एवं भागवताचार्य जगदीश चंद्र शास्त्री ने कहा कि भक्तिमती पदमा बाई (बुआजी) ब्रज निष्ठ, धाम निष्ठ व भगवद निष्ठ संत थीं।उन्होंने अपना समूचा जीवन इन्ही की सेवा, पूजा व साधना में व्यतीत किया।
इस अवसर पर आचार्य धर्मवीर शास्त्री, पंडित बुद्धिप्रकाश महाराज, युवा साहित्यकार डॉ. राधाकांत शर्मा, रासाचार्य स्वामी प्रेम शरण शर्मा, श्रीमती मुक्ता भरतिया, मनमोहन भरतिया, श्रीमती अनीता मित्तल, राज कुमार मित्तल (नोएडा) आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

About the author

Rekha Singh

Add Comment

Click here to post a comment

Live News

Advertisments

Advertisements

Advertisments

Our Visitors

0208215
This Month : 7718
This Year : 7718

Follow Me