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सहजता, सरलता, उदारता की प्रतिमूर्ति हैं महामंडलेश्वर स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती महाराज

वृन्दावन।रतनछत्री क्षेत्र स्थित गीता विज्ञान कुटीर में कई प्रमुख समाजसेवी संस्थाओं ब्रज सेवा संस्थान, ब्रजभूमि कल्याण परिषद, ब्रज साहित्य सेवा मंडल, ब्रज जन सेवा समिति एवं मुक्तानंद चित्र वीथि के संयुक्त तत्वावधान में श्रीमद्भगवदगीता के प्रकांड विद्वान, वयोवृद्ध संत महामंडलेश्वर स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती महाराज का देश-विदेश में उनके द्वारा की गई धार्मिक व आध्यात्मिक सेवाओं के लिए उनका सम्मान किया गया।
यह सम्मान उन्हें ब्रज भूमि कल्याण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित बिहारीलाल वशिष्ठ, ब्रज साहित्य सेवा मंडल के अध्यक्ष डॉ. गोपाल चतुर्वेदी व श्रीमुक्तानंद चित्र वीथि के संचालक चित्रकार द्वारिका आनंद व ब्रज जन सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. राधाकांत शर्मा ने प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह,अंगवस्त्र व ठाकुरजी का पटुका प्रसादी माला आदि भेंट कर किया।
ब्रज साहित्य सेवा मंडल के अध्यक्ष डॉ. गोपाल चतुर्वेदी ने कहा कि महामंडलेश्वर स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती महाराज सहजता, सरलता, उदारता की प्रतिमूर्ति हैं।वे पूर्ण समर्पण के साथ भारतीय वैदिक संस्कृति व संस्कृत भाषा के उन्नयन में जुटे हुए हैं।महाराजश्री ने कई वर्षों तक हिमालय की गुफाओं में रह कर कठोर साधना की है।
ब्रज भूमि कल्याण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित बिहारीलाल वशिष्ठ ने कहा कि महामंडलेश्वर स्वामी विज्ञानानंद महाराज श्रीमद्भगवद्गीता के प्रकांड विद्वान हैं।इन्होंने इस ग्रंथ की अत्यंत सरल भाषा में व्याख्या करके उसके ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाया है।वे अपनी पत्रिका “गीता लोक” के माध्यम से भी असंख्य लोगों को प्रेरणा व ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं।
श्रीमुक्तानंद चित्र वीथि के संचालक चित्रकार द्वारिका आनंद ने कहा कि महामंडलेश्वर स्वामी विज्ञानानंद महाराज धर्म,अध्यात्म,साहित्य व योग आदि क्षेत्रों की बहुमूल्य निधि हैं।वह अपनी 100 से भी अधिक वर्ष की अवस्था में भी देश-विदेश में आध्यात्मिक चेतना का शंखनाद करके असंख्य व्यक्तियों का कल्याण कर रहे हैं।
ब्रज जन सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. राधाकांत शर्मा ने कहा कि महामंडलेश्वर स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती महाराज श्रीमद्भगवद्गीता के साथ-साथ योग शास्त्र का भी जो व्यवहारिक ज्ञान समूचे विश्व को प्रदान कर रहे हैं,वो अति प्रशंसनीय है।
इस अवसर पर स्वामी लोकेशानंद सरस्वती महाराज, हरिकेश ब्रह्मचारी,दिल्ली पुलिस के पूर्व अधिकारी अर्जुन सिंह सैनी, निर्मल माताजी,कृष्ण सोनी (महेंद्रगढ़- हरियाणा), आचार्य ईश्वरचंद्र रावत, युगल गोस्वामी, विष्णुकांत भारद्वाज ब्रजवासी भैया आदि की उपस्थिति विशेष रही।
डॉ. गोपाल चतुर्वेदी
9412178154

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