कविता

रक्षाबंधन

कच्चे धागे से,
रिश्ते पक्के हो जाते हैं।

मिली इन्द्र को जिन धागों से शक्ति,
धागे विष्णु के आशिर्वाद हर भाई को दे जाते हैं।

इंद्राणी के धागों से ,
इंद्र को बल की प्राप्ति हुई।
कर्णावती के धागों से,
हुमांयु को बहन – वचन की आन हुई।

यूं तो धागे कच्चे हैं,
पर रिश्ते पक्के हो जाते हैं।
समाज सोचता है,
भाई बहनों से सुरक्षा का वादा करते हैं,
सत्य तो यह है कि,
भाई सदा फ़र्ज़ के कर्ज़ को जीवन भर निभाते हैं।।

रचियता एवं प्रस्तुतकर्ता:-
साजिद अहमद खान
शिक्षक एवं प्रेरणा शिक्षक,
M.Sc.,Double M.A.,B.Ed.
(+918881033310)

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Rekha Singh

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