मथुरा फरह। अपने समय में ही पहचान कर जो उपाय गांधी जी ने बताये थे वे अब भी प्रभावी है। उनके आचरण, गुणों और
आम जन के साथ व्यवहार को अपने जीवन में अपनाकर जुड़ सकता है। उक्त उद्गार संस्थान के निदेशक, डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि मौजूदा समस्या को निदान में गांधी जी के विचार आज भी प्रासंगिक है। राष्ट्र की स्वतंत्रता आंदोलन में महात्मा गांधी के प्रभाव के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के जीवन में बकरीं विभिन्न बारे में उनके सन्दर्भो के बारे में बताया। बापू ने यूरोप की यात्रा के दौरान भी केवल बकरी का दूध पिया और एक बकरी भी उनके साथ रही।
कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी के आह्वान और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। राष्ट्रपिता के चित्र पर पुष्प अर्पित किए गए। समारोह के भाग के रूप में, डॉ. रामचंद्रन, वरिष्ठ वैज्ञानिक और केन्द्रीय अधिकारी, स्वच्छ भारत अभियान, भा.कृ.अनु.सं.-केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मखदूम, फरह द्वारा एकल उपयोग प्लास्टिक पर विस्तृत जानकारी दी। डॉ. रामचंद्रन ने दैनिक जीवन में हमारे द्वारा उपयोग किए जा रहे विभिन्न एकल उपयोग प्लास्टिक के नमूनों का प्रदर्शन किया और उन्हें बदलने के तरीके के बारे में बताया। उन्होंने उपस्थित कर्मचारियों को एकल उपयोग प्लास्टिक के पर्यावरणीय खतरे और जानवरों और पौधों को उनके द्वारा कैसे प्रभावित किया जा रहा है, इसकी भी जानकारी दी। डॉ. अशोक कुमार, प्रधान वैज्ञानिक द्वारा गांधीवादी सिद्धांतों पर व्याख्यान दिया गया। उन्होंने व्यक्त किया कि महात्मा गांधी न केवल एक व्यक्ति थे बल्कि हममें से प्र
त्येक के लिए जीवन जीने का एक तरीका थे। इस अवसर पर

एक सप्ताह गांधी जी कसे समर्पित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजित की गई। जिसमें आशु भाषण प्रतियोगिता, प्रश्न मंच प्रतियोगिता, रंगोली एवं चित्रकला प्रतियोगिता ।इसमें सम्मलित विभिन्न प्रतिभागियों को संस्थान के निदेशक द्वारा पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का समन्वयन पशु जनन एवं दैहिकी विभाग के वरिष्ठ वैज्ञालिनक डॉ. एस. पी. सिंह ने किया। कार्यक्रम का समापन कार्यक्रम के वैज्ञानिक और सह-संयोजक डॉ. सुमन कुमार के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ इस अवसर पर संस्थान के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सुमित कुमार जिन्दल, डॉ. बी.राय, डॉ. वी. राजकुमार, डॉ. मनोज कुमार ंिसह, डॉ. गोपाल दास, डॉ. एस.डी. खर्चे संस्थान के कर्मचारी इत्यादि उपस्थित थे।






















This Month : 7337
This Year : 7337
Add Comment